नेपाल के लिए गले की फांस बने चीनी विमान, ड्रैगन के कर्ज जाल में फंसा बालेन शाह का देश, बीजिंग की दोस्ती में लुटा

Updated on 13-04-2026 12:57 PM
काठमांडू: नेपाल ने कभी बड़ी उम्मीद से घरेलू एयरलाइंस के बेड़े को मजबूत करने के लिए चीन में बने विमानों पर भरोसा किया था, लेकिन अब यह इसके लिए सिरदर्द साबित हो गए हैं। पांच सालों से काठमांडू हवाई अड्डे पर चीन में बने विमानों का एक झुंड बेकार पड़ा है। यह अब एक बोझ बन गया है। इन विमानों की मौजूदगी अब एक ऐसी मुश्किल बन गई है, जिसे देश की सरकारी कंपनी नेपाल एयरलाइंस बार-बार कोशिशों के बावजूद हल नहीं कर पाई है। नेपाल की सत्ता संभालने वाले बालेन शाह को भी अब इन विमानों की चुनौतियों से जूझना होगा।

नेपाल एयरलाइंस के लिए ये चीनी विमान भारी बोझ बन गए हैं। एयरलाइंस इन्हें बेच नहीं सकती, न लीज पर दे पा रही है। न चीन वापस भेज सकती है। ये कोई कमाई नहीं करते, सिर्फ नुकसान करते हैं। पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रही नेपाल एयरलाइंस के लिए हालत को और खराब कर रहे हैं।
नेपाल एयरलाइंस पहले से ही 50 अरब रुपये से ज्यादा के कर्ज के बोझ तले दबी है। ऐसे में सफेद हाथी बन चुके चीनी विमानों ने संकट को और भी गहरा कर दिया है। नेपाल सरकार ने कर्ज पर इन विमानों को खरीदा था, जिस पर ब्याज लगातार बढ़ता जा रहा है। केवल पिछले साल में ही चीन में बने विमानों से जुड़े ब्याज ने बकाया देनदारियों में 68 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी है।

एयरलाइंस का विमानों पर भारी खर्च

लेकिन यह नुकसान यहीं नहीं खत्म होता है। भले ही यह विमान जमीन पर खड़े हैं और एक पैसे की कमाई नहीं करते। बावजूद इसके इनके रखरखाव पर भारी खर्च करना पड़ता है। काठमांडू टाइम्स की रिपोर्ट से पता चलता है कि बीमा, पार्किंग, इंजन का रखरखाव और मैनुअल में बदलाव पर मिलाकर एयरलाइन को हर साल लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

लीज पर भी नहीं लेने को तैयार कोई

नेपाल एयरलाइंस इन विमानों से पीछा छुड़ाना चाह रही है, लेकिन कोई इसे लीज पर भी लेने को तैयार नहीं है। एयरलाइन के एक अधिकारी ने काठमांडू टाइम्स को नाम न छापने की शर्त पर ये जानकारी दी है। सितम्बर 2022 में नेपाल एयरलाइंस ने लीज पर देने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किया लेकिन एक भी बोली लगाने वाला सामने नहीं आया। विमानों को बेचने की भी कोशिश की गई, लेकिन उसका भी वहीं अंजाम हुआ।

एक दशक पुरानी कहानी

नेपाल एयरलाइंस को अपना पहला MA-60 विमान 27 अप्रैल 2014 को मिला। उसी साल 14 नवम्बर को एक Y-12E मिला। चीन ने ये दोनों विमान अनुदान के रूप में दिए थे। एक तरह से ये फंसाने की चाल थी। इसके बाद के वर्षों में एयरलाइन ने अतिरिक्त विमान खरीदकर अपने बेड़े का विस्तार किया। चीन से मिले ग्रांट और लोन से इसे फाइनेंस किया गया, जिसकी रकम 40.8 करोड़ युआन थी। यह उस समय 6.66 अरब नेपाली रुपये थी।
कुल रकम में 18 करोड़ युआन ग्रांट के रूप में मिले, जबकि 22.8 करोड़ युआन सॉफ्ट लोन के तौर पर दिए गए। लोन चुकाए जाने तक नेपाल के वित्त मंत्रालय के पास इसका मालिकाना हक है। वह चीन को 1.5 प्रतिशत सालाना दर पर भुगतान करता है। बदले में नेपाल एयरलाइंस से 1.75 प्रतिशत ब्याज लेता है। शुरुआत में ग्रेस पीरियड तक बोझ कम रहा, लेकिन यह मार्च 2021 में खत्म हो गया। लेकिन इसके पहले ही विमान सेवा से हटाए जा चुके थे।

विमान के साथ चनुौतियां

  • शुरुआत में ही ऑपरेशनल चुनौतियां सामने आ गईं। नेपाल एयरलाइंस के पास चीनी विमानों को उड़ाने के लिए योग्य और प्रशिक्षित पायलटों की कमी थी।
  • स्पेयर पार्ट्स की भी मुश्किल थी। वे आसानी से उपलब्ध नहीं थे और जब मिलते तो कीमत बहुत ज्यादा होती।
  • नेपाल के मुश्किल भौगोलिक इलाकों में विमानों की मांग काफी नहीं साबित हुए।
  • एयरलाइन के निदेशक मंडल ने 29 जून 2020 को विमानों के पूरे बेड़े को ग्राउंडेड करने (सेवा से हटाने) का फैसला किया।
  • तब से ये विमान खड़े हैं और धीरे-धीरे खराब होते जा रहे हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 June 2026
वॉशिंगटन: पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भारत के सिंधु बेसिन की नदियों पर शुरू किए गए नए प्रोजेक्ट को लेकर एतराज जताते हुए कई आरोप लगाए हैं। पाकिस्तान के डिप्टी पीएम…
 19 June 2026
न्यूयॉर्क: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बिगड़ते हालात और प्रदर्शकारियों की हत्या को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद(UNHRC) में पाकिस्तान को बखिया उधेड़ी है। पीओके के…
 19 June 2026
तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पहली बार बयान दिया है। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति…
 19 June 2026
पेरिस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ्रांस दौरा खत्म होने पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उन्हें सरप्राइज दिया है। मैक्रों ने पीएम मोदी के लिए हिंदी में खास विदेश संदेश…
 18 June 2026
वॉशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट में युद्ध खत्म करने के समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने औपचारिक तौर पर डिजिटल हस्ताक्षर कर दिया है। अब शुक्रवार…
 18 June 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के एक गुरुद्वारे के अंदर सिख बुजुर्ग दंपति की हत्या कर दी गई है। अज्ञात हमलावरों ने दोनों को गुरुद्वारे के अंदर गोली मार दी।…
 18 June 2026
न्यूयॉर्क: फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सीट दिए जाने का जोरदार समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा को भेजे एक पत्र में फ्रांस ने सुरक्षा…
 18 June 2026
टोक्यो: जापान ने चीन की बढ़ती ताकत को देखते हुए सैन्य ताकत बढ़ाने पर जोर दिया है। जापानी डिफेंस मिनिस्टर शिंजिरो कोइजुमी ने कहा है कि देश को अपनी रक्षा…
 16 June 2026
बीजिंग: "दूर के रिश्तेदार से अच्छा एक करीबी पड़ोसी होता है।" यह कहावत तो आपने सुनी होगी लेकिन इस बार चीन के विदेश मंत्री वांय यी ने इसका इस्तेमाल नेपाल…
Advt.