बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में शोध कार्यों की रफ्तार धीमी, करोड़ों का बजट भी नहीं हो पा रहा खर्च

Updated on 26-05-2026 12:25 PM

भोपाल। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय (बीयू) में शोध कार्यों की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। शासन की ओर से विश्वविद्यालय को रिसर्च और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये का बजट दिया जा रहा है, लेकिन धरातल पर शोध कार्य बेहद धीमी गति से हो रहे हैं।

पिछले पांच वर्षों में विश्वविद्यालय में केवल 524 शोध कार्य पूरे हुए हैं। इनमें भी वर्ष 2023-24 में सबसे कम मात्र 97 शोध कार्य दर्ज किए गए, जिससे विश्वविद्यालय की शोध व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

1.30 करोड़ का बजट, खर्च हुए सिर्फ 3.29 लाख

  • विश्वविद्यालय के वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान में शोध कार्यों के लिए 1.30 करोड़ रुपये का विशेष प्रविधान किया गया था। इस राशि का उपयोग शोध परियोजनाओं, लैब अपग्रेड, फील्ड स्टडी, सेमिनार और रिसर्च पब्लिकेशन को बढ़ावा देने के लिए किया जाना था। हालांकि वित्तीय वर्ष के नौ महीने बीत जाने के बाद अप्रैल से दिसंबर 2024 के बीच इस मद में केवल 3.29 लाख रुपये ही खर्च किए गए।
  • स्थिति इतनी खराब है कि संशोधित बजट जारी होने के बाद यह मान लिया गया कि पूरे साल में भी शोध कार्यों पर सिर्फ 4.38 लाख रुपये ही खर्च हो पाएंगे।यानी कुल बजट का लगभग 97 प्रतिशत हिस्सा रिसर्च तक पहुंच ही नहीं सका।
  • प्रयोगशालाओं में संसाधनों की भारी कमी

    विश्वविद्यालय में फैकल्टी के आधे पद खाली है।कई विभागों में शोध के लिए जरूरी संसाधनों का अभाव बना हुआ है। विज्ञान संकाय के विभागों में केमिकल तक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि प्रयोगशालाओं के कई उपकरण आउटडेटेड हो चुके हैं। कुलगुरु सुरेश कुमार जैन ने विभागों को रिसर्च और नवाचार से जुड़े प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। कुछ विभागों ने प्रस्ताव तैयार कर प्रबंधन को भेजे भी, लेकिन उन्हें आवश्यक बजट नहीं मिल पाया।

प्रदेश के विश्वविद्यालयों की स्थिति पर उठे सवाल

केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के विश्वविद्यालयों को हर साल करोड़ों रुपये का बजट दिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद रिसर्च के क्षेत्र में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। बीयू की स्थिति यह दर्शाती है कि शोध कार्यों के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति हो रही है। विश्वविद्यालय का कुल वार्षिक बजट करीब 92 से 95 करोड़ रुपये है, लेकिन शोध पर वास्तविक खर्च महज 0.05 प्रतिशत तक सीमित रह गया है। इससे उच्च शिक्षा और शोध की गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।



  • अन्य महत्वपुर्ण खबरें

     19 June 2026
    भोपाल, राज्य शासन ने सोम डिस्टिलरीज समूह की इकाइयों द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए आबकारी लाइसेंसों के नवीनीकरण आवेदन निरस्त कर दिए हैं। नवीनीकरण के आवेदनों के निरस्तीकरण…
     19 June 2026
    भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आंध्रप्रदेश सरकार की ओर से मध्यप्रदेश से बाघ और गौर की डिमांड की गई है। उन्हें बाघ और गौर देने के लिए…
     19 June 2026
    भोपाल, मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को खेल के साथ सरकारी नौकरी का अवसर मिलने जा रहा है। राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के नियम 2021 में…
     19 June 2026
    भोपाल, राजधानी भोपाल में पटवारियों के तबादलों की लिस्ट सिर्फ़ 24 घंटे में ही बदल गई। इससे प्रशासनिक निर्णय पर सवाल खड़े हो गए हैं। 15 जून को जारी स्थानांतरण आदेश…
     19 June 2026
    भोपाल। मध्य प्रदेश के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने प्रदेश की चर्चित शराब निर्माता कंपनी सोम डिस्टिलरीज के वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत सभी आबकारी लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन निरस्त कर…
     19 June 2026
    भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में मनचाहे स्थान पर तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू होगी। विभाग ने आवेदन की…
     19 June 2026
    भोपाल। राजधानी में शराब तस्करी के संदेह में रोके जाने पर एक कार चालक ने पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। आरोपी ने न केवल पुलिस की घेराबंदी तोड़ दी,…
     19 June 2026
    भोपाल। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में इन दिनों तबादलों की बयार क्या चली, जालसाजों ने सीधे कमिश्नर (आयुक्त) के दस्तखत और सरकारी सील की ही 'क्लोनिंग'…
     19 June 2026
    भोपाल। शहर के हलालपुर क्षेत्र में संचालित पटाखा दुकानें और गोदाम अब घनी आबादी के बीच आ चुके हैं, लेकिन इन्हें शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना वर्षों बाद…
    Advt.