मोर गांव मोर पानी महाभियान’ से जन-जन जुड़ा

Updated on 04-04-2026 11:50 AM
दुर्ग , दुर्ग जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश ही नहीं, देश के लिए भी एक मिसाल पेश की है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में संचालित “मोर गांव मोर पानी महाभियान” अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित आवासों में मात्र 15 दिनों के भीतर 32,058 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कर जिले ने एक अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नेतृत्व में यह अभियान सुनियोजित ढंग से आगे बढ़ाया गया। “एकेच गोठ, एकेच बानी, बूंद-बूंद बचाबो पानी 2.0” थीम के साथ 13 मार्च 2025 को इसकी शुरुआत हुई। अभियान के प्रथम चरण में प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों के घरों में मात्र दो घंटे के भीतर 1,764 सोक पिट का निर्माण कर गोल्डन बुक में नाम दर्ज कराया गया। यह उपलब्धि अपने आप में प्रशासनिक समन्वय और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बनी।

द्वितीय चरण में 08 दिसंबर को 12,418 सोक पिट का निर्माण किया गया, जिससे कुल 14,182 सोक पिट स्वप्रेरणा से तैयार हुए। इसके साथ ही “मोर गांव मोर पानी” अभियान के अंतर्गत 23,889 कंटूर ट्रेंच एवं वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच का निर्माण भी पूर्ण किया गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से इन कार्यों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की गई, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 32,058 जल संरक्षण संरचनाओं की एंट्री पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है।

इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने स्वयं आगे बढ़कर श्रमदान किया। यही कारण है कि यह पहल केवल एक सरकारी योजना तक सीमित न रहकर जन आंदोलन के रूप में स्थापित हो गई है। प्रत्येक प्रधानमंत्री आवास में निर्मित रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं न केवल वर्तमान जल आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि भविष्य की जल सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही हैं।

अभियान के तहत विभिन्न प्रकार की जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इनमें कम लागत के 24 कार्य, 15 बोरवेल रिचार्ज, 03 चेकडैम, 5,875 कंटूर ट्रेंच, 07 गली प्लग, 03 नाला बंड, 18 ओपन वेल रिचार्ज (डगवेल), 07 परक्यूलेशन तालाब, 537 रिचार्ज पिट, 05 रिचार्ज शाफ्ट, 817 रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं, 6,676 सोक पिट, 09 टैंक, 48 ग्राम तालाब तथा 18,014 वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच शामिल हैं।

इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ स्थायी जल प्रबंधन को बढ़ावा मिल रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और गांवों में अधिक से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं बनाकर इस महाभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि “हर घर जल संचय” का लक्ष्य साकार हो सके।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 June 2026
अम्बिकापुर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत वसंत ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ईवीएम स्ट्रांग रूम का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस दौरान ईवीएम वेयर हाउस की सील…
 19 June 2026
दंतेवाड़ा। जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों तक प्रशासन की पहुंच एवं जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने गुरुवार को विकासखंड गीदम…
 19 June 2026
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में अवैध मदिरा परिवहन एवं भण्डारण पर आबकारी विभाग की टीम द्वारा कार्रवाई सतत जारी है। इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी…
 19 June 2026
महासमुंद। जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक आज जिला पंचायत महासमुंद के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी…
 19 June 2026
जशपुरनगर। बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज) से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को निरंतर उपचार, परामर्श एवं बेहतर जीवन प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति, जशपुर…
 19 June 2026
जशपुरनगर। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 के तहत जशपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। योजना अंतर्गत जिले…
 19 June 2026
जशपुरनगर। बच्चों में बढ़ते मधुमेह, विशेषकर टाइप-1 डायबिटीज यानी बाल मधुमेह की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार, नियमित फॉलोअप तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से…
 19 June 2026
जशपुरनगर। विकासखंड बगीचा, ग्राम छिछली में स्थित खुड़िया रानी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और एक बेहतर पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित करने हेतु एक व्यापक…
 19 June 2026
जशपुरनगर। नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होते ही विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा शैक्षणिक व्यवस्थाओं का आकलन कर उनमें और अधिक सुधार एवं कसावट लाने…
Advt.