मध्य प्रदेश में बिना रेरा पंजीयन बिक रहीं प्रॉपर्टी, सरकार के नियमों को ठेंगा दिखा रहे बिल्डर

Updated on 16-06-2026 11:32 AM

भोपाल। अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश ने एक फैसला किया। अब से बिल्डर को प्रापर्टी बेचने से पहले बताया होगा कि उसके पास भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) का पंजीयन है या नहीं। विक्रय अनुबंध में रेरा पंजीयन दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। जिस प्रापर्टी के विक्रय अनुबंध में रेरा पंजीयन नहीं है तो उप रजिस्ट्रार चाहे तो उस प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करने से मना कर सकेगा। लेकिन न तो उप रजिस्ट्रार इसमें रुचि दिखा रहे हैं और न ही कई बिल्डर रेरा पंजीयन बताते हैं।

परिणामस्वरूप अवैध कॉलोनियां लगातार बनती जा रही हैं। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि बिना रेरा पंजीयन के भवन विकास या प्रापर्टी विकसित न हो। यह व्यवस्था इसलिए भी की गई है, जिससे बिल्डर उपभोक्ता को धोखे में रखकर प्रापर्टी न बेच सके, लेकिन बिल्डर व कॉलोनाइजर नियमों को ताक पर रखकर सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं।

दरअसल, मध्य प्रदेश में बहुत से बिल्डर रेरा में बिना पंजीयन कराए मनमाने ढंग से कॉलोनियां काटकर उपभोक्ताओं को धोखे में रखकर मकान बनाकर बेच देते हैं। उसके बाद में उपभोक्ता कई समस्याओं से जूझता है। उनकी शिकायत पर रेरा द्वारा रियल एस्टेट कारोबारियों पर शिकंजा कसते हुए जुर्माना लगाने का भी प्रविधान है, लेकिन रेरा को ठेंगा दिखाया जा रहा है।

इधर, मध्य प्रदेश रेरा में अध्यक्ष का पद खाली रहने के कारण प्रोजेक्ट्स की मंजूरी और शिकायतों के निराकरण लंबे समय से प्रभावित हुए हैं। हालांकि, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इसे लेकर सरकार को कड़ी चेतावनी दी थी कि जल्द नियुक्तियां करें, अन्यथा मुख्य सचिव को पेश होना पड़ेगा।

रेरा में कम हो रहे पंजीयन

  • उपभोक्ता के सामने अब भी विश्वास का संकट पांच वर्षों में वर्ष 2021-22 से अब तक 6323 आवेदन निराकरण के लिए रेरा के पास पहुंचे। इनमें से पंजीयन के लिए करीब आधे 3398 ही स्वीकृत हुए हैं। 981 को निरस्त कर 171 को वापस किया गया है।
  • हर वर्ष 50 से 82 प्रतिशत तक आवेदन निराकृत हो रहे हैं, लेकिन इनमें देखने वाली बात यह है कि कम पंजीयन संख्या से स्पष्ट है कि बिल्डर और प्रमोटर अब भी मनमाने ढंग से ही भवनों का निर्माण कर रहे हैं। यानी उपभोक्ता के सामने अब भी विश्वास का संकट है। जबलपुर समेत इंदौर और ग्वालियर में रेरा का ब्रांच दफ्तर खोले जाने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस दिशा में भी अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 June 2026
भोपाल, राज्य शासन ने सोम डिस्टिलरीज समूह की इकाइयों द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए आबकारी लाइसेंसों के नवीनीकरण आवेदन निरस्त कर दिए हैं। नवीनीकरण के आवेदनों के निरस्तीकरण…
 19 June 2026
भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आंध्रप्रदेश सरकार की ओर से मध्यप्रदेश से बाघ और गौर की डिमांड की गई है। उन्हें बाघ और गौर देने के लिए…
 19 June 2026
भोपाल, मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को खेल के साथ सरकारी नौकरी का अवसर मिलने जा रहा है। राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के नियम 2021 में…
 19 June 2026
भोपाल, राजधानी भोपाल में पटवारियों के तबादलों की लिस्ट सिर्फ़ 24 घंटे में ही बदल गई। इससे प्रशासनिक निर्णय पर सवाल खड़े हो गए हैं। 15 जून को जारी स्थानांतरण आदेश…
 19 June 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने प्रदेश की चर्चित शराब निर्माता कंपनी सोम डिस्टिलरीज के वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत सभी आबकारी लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन निरस्त कर…
 19 June 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में मनचाहे स्थान पर तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू होगी। विभाग ने आवेदन की…
 19 June 2026
भोपाल। राजधानी में शराब तस्करी के संदेह में रोके जाने पर एक कार चालक ने पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। आरोपी ने न केवल पुलिस की घेराबंदी तोड़ दी,…
 19 June 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में इन दिनों तबादलों की बयार क्या चली, जालसाजों ने सीधे कमिश्नर (आयुक्त) के दस्तखत और सरकारी सील की ही 'क्लोनिंग'…
 19 June 2026
भोपाल। शहर के हलालपुर क्षेत्र में संचालित पटाखा दुकानें और गोदाम अब घनी आबादी के बीच आ चुके हैं, लेकिन इन्हें शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना वर्षों बाद…
Advt.