तेंदुवा धाम में श्रीराम कथा का शुभारंभ, सीएम साय ने लिया संतों का आशीर्वाद
Updated on
28-04-2026 05:59 PM
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण स्थित राम मिलेंगे आश्रम, तेंदुवा धाम कुरियारी में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा में शामिल हुए। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ आश्रम पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि सदैव भगवान श्रीराम के चरणों से धन्य रही है। उन्होंने वनवास काल में भगवान श्रीराम के आगमन और माता शबरी की अद्भुत भक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस धरती ने आस्था, समर्पण और विश्वास की अनूठी परंपरा को सहेज कर रखा है। उन्होंने कहा कि तेंदुवाधाम आज धार्मिक और सांस्कृतिक जागरण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जहां हजारों श्रद्धालु एक साथ श्रीराम कथा का श्रवण कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर को अत्यंत सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि एक ही मंच से अनेक संतों का सान्निध्य और आशीर्वाद प्राप्त होना विशेष अनुभव है। उन्होंने आश्रम परिसर में हरिवंश औषधालय एवं पंचकर्म केंद्र, राम-जानकी मंडपम, हरिवंश वैदिक पाठशाला, मां दुर्गा गौ मंदिर और हनुमत प्रवेश द्वार सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों के लोकार्पण पर आश्रम प्रबंधन और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” होने के साथ-साथ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि भी है। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के दौरान छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक चावल और चिकित्सकों की टीम के वहां पहुंचने का उल्लेख करते हुए इसे प्रदेशवासियों की गहरी श्रद्धा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भगवान श्रीराम भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं, जो देश की सांस्कृतिक एकता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर लाभान्वित हो रहे हैं।
इस अवसर पर वासुदेवनंद सरस्वती महाराज, किन्नर अखाड़ा प्रमुख मां टीना सहित अनेक संत-महात्माओं की उपस्थिति में विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।
राघव सेवा समिति के प्रमुख डॉ. अशोक हरिवंश ने बताया कि यह स्थल माता शबरी की जन्मभूमि शिवरीनारायण में स्थित है, जहां ‘कलिंग शैली’ में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। आश्रम में औषधालय, वैदिक विद्यालय, गौ मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, गीता वाटिका, शबरी रसोई और निर्धन कन्या विवाह जैसी अनेक सामाजिक-धार्मिक पहल संचालित हो रही हैं। कार्यक्रम के तहत विभिन्न वर्गों - दिव्यांगजन, रक्तदाता, कुष्ठ रोगी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों - को समर्पित विशेष दिवस भी आयोजित किए जा रहे हैं।
अम्बिकापुर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत वसंत ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ईवीएम स्ट्रांग रूम का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस दौरान ईवीएम वेयर हाउस की सील…
दंतेवाड़ा। जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों तक प्रशासन की पहुंच एवं जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने गुरुवार को विकासखंड गीदम…
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में अवैध मदिरा परिवहन एवं भण्डारण पर आबकारी विभाग की टीम द्वारा कार्रवाई सतत जारी है। इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी…
महासमुंद। जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक आज जिला पंचायत महासमुंद के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी…
जशपुरनगर। बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज) से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को निरंतर उपचार, परामर्श एवं बेहतर जीवन प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति, जशपुर…
जशपुरनगर। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 के तहत जशपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। योजना अंतर्गत जिले…
जशपुरनगर। बच्चों में बढ़ते मधुमेह, विशेषकर टाइप-1 डायबिटीज यानी बाल मधुमेह की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार, नियमित फॉलोअप तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से…
जशपुरनगर। विकासखंड बगीचा, ग्राम छिछली में स्थित खुड़िया रानी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और एक बेहतर पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित करने हेतु एक व्यापक…
जशपुरनगर। नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होते ही विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा शैक्षणिक व्यवस्थाओं का आकलन कर उनमें और अधिक सुधार एवं कसावट लाने…